कभी रूठूँ मैं, तो मनाओ तुम

कभी रूठूँ मैं, तो मनाओ तुम

कभी रूठूँ मैं, तो मनाओ तुमऔर कभी मैं मनाऊँ जबमुझसे रूठ जाओ तुम रूठने-मनाने का सिलसिलायूँ ही उम्र भर चलता रहेऔर प्यार का सिलसिला बढ़ता रहे एहसास हर पल बदलते रहें किदिल अभी भी धड़कता हैइक दूजे के लिए प्यार यूँ ही वक्त के साथकम कभी न हो तुम मुझे चाहो और मैं तुम्हेंप्यार...